गुरु-दर्शन एवं परिचय
परम पूज्य गुरुवर श्री श्यामशुभम जी महाराज
आध्यात्मिक यात्रा और तपस्या
परम पूज्य गुरुवर श्री श्यामशुभम जी महाराज का जीवन बचपन से ही भक्ति और वैराग्य की ओर उन्मुख रहा। अल्पायु में ही उन्होंने वेदों, उपनिषदों और विशेषकर श्रीमद्भगवद्गीता के गहन अध्ययन में स्वयं को समर्पित कर दिया। उनकी साधना केवल ग्रंथों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने हिमालय की तलहटी और पवित्र तीर्थों में वर्षों तक मौन और ध्यान का अभ्यास किया। आज उनका जीवन लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का पुंज बना हुआ है।
ज्ञान का प्रसार
जटिल शास्त्रों को सरल कहानियों और उदाहरणों के माध्यम से समझाना आपकी विशेषता है।
वैराग्य और साधना
सांसारिक मोह से ऊपर उठकर प्रभु चरणों में प्रीति बढ़ाना ही जीवन का असली लक्ष्य है।
गुरुदेव के जीवन दर्शन के स्तंभ
अहिंसा
किसी को भी वाणी या कर्म से दुःख न देना।
निस्वार्थ सेवा
मानव सेवा ही माधव सेवा का आधार है।
संयम
मन पर नियंत्रण ही शांति का द्वार है।
सत्य
सत्य ही ईश्वर है और ईश्वर ही सत्य है।
गुरुजी के अमृत वचन
आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा
गुरुजी के मार्गदर्शन में "सेवा परमो धर्म:" के संकल्प को साकार किया जाता है। आश्रम द्वारा संचालित प्रमुख प्रकल्प:
- गौ सेवा: आश्रम में बेसहारा गायों के लिए उत्तम व्यवस्था और चिकित्सा।
- अन्नपूर्णा क्षेत्र: प्रतिदिन आने वाले भक्तों और जरूरतमंदों के लिए निशुल्क प्रसाद।
- संस्कार केंद्र: बच्चों में नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के संचार हेतु विशेष कक्षाएं।
लाइव दिव्य दर्शन
गुरुजी का ऑनलाइन प्रवचन हर दिन संध्या**7:00 बजे से सीधा प्रसारित होता है।
सीधा प्रसारण देखेंआगामी दिव्य उत्सव एवं कथा
आश्रम की दैनिक साधना
गुरुजी द्वारा प्रकाशित साहित्य
गीता का अमृत
श्रीमद्भगवद्गीता के मुख्य सिद्धांतों की सरल व्याख्या।
भक्ति सूत्र
भक्ति के नौ रूपों और उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग पर गहन चर्चा।
ध्यान योग: आंतरिक शांति
प्रारंभिक से उन्नत स्तर तक ध्यान की विभिन्न तकनीकों का विवरण।
जिज्ञासा समाधान
क्या गुरु जी से व्यक्तिगत भेंट संभव है?
हाँ, आश्रम में पूर्व सूचना देकर आप दर्शन लाभ ले सकते हैं। विशेष रूप से रविवार को सत्संग के बाद गुरुजी भक्तों से भेंट करते हैं।
भक्ति मार्ग पर चलने के लिए पहला कदम क्या है?
पहला कदम है—सत्संग और स्वाध्याय। श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों को जीवन में उतारना शुरू करें।
दिव्य चित्र दीर्घा
भक्तों के अनुभव
"गुरुजी के प्रवचनों ने मेरे जीवन जीने का नज़रिया बदल दिया। अब मैं हर परिस्थिति में शांत रहना सीख गया हूँ।"
— राजेश खन्ना, दिल्ली